श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  13.179.22 
तस्यैवोर्ध्वं तिर्यगधश्चरन्ति
गभस्तयो मेदिनीं भासयन्त:।
तं ब्राह्मणा वेदविदो जुषन्ति
तस्यादित्यो भामुपयुज्य भाति॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी को प्रकाशित करने वाली किरणें उनके ऊपर, नीचे और चारों ओर फैली हुई हैं। वेद जानने वाले ब्राह्मण उनकी सेवा करते हैं और उनके प्रकाश से सूर्यदेव चमकते हैं॥ 22॥
 
The rays illuminating the earth spread above, below and around them. The Brahmins who know the Vedas serve them and with the help of their light the Sun God shines.॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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