श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.179.20 
स मातरिश्वा विभुरश्ववाजी
स रश्मिवान् सविता चादिदेव:।
तेनासुरा विजिता: सर्व एव
तद्विक्रान्तैर्विजितानीह त्रीणि॥ २०॥
 
 
अनुवाद
वे सर्वव्यापी वायु, वेगवान अश्व, सर्वव्यापी सूर्य और आदिदेव हैं। उन्होंने ही समस्त दैत्यों पर विजय प्राप्त की है और उन्होंने ही अपने तीन पैरों से तीनों लोकों को नाप लिया है।
 
He is the omnipresent wind, the swift horse, the omnipresent Sun and the primal deity. He is the one who conquered all the demons and he is the one who measured the three worlds with his three feet.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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