श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.179.19 
तस्यान्तरिक्षं पृथिवी दिवं च
सर्वं वशे तिष्ठति शाश्वतस्य।
स कुम्भे रेत: ससृजे सुराणां
यत्रोत्पन्नमृषिमाहुर्वसिष्ठम् ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी, आकाश और स्वर्ग ये सब उन सनातन पुरुष श्रीकृष्ण के अधीन रहते हैं। उन्होंने देवताओं (मित्र और वरुण) के वीर्य को कुम्भ में स्थापित किया था, जिससे महर्षि वसिष्ठ उत्पन्न हुए बताए जाते हैं॥ 19॥
 
Earth, sky and heaven all remain under the control of this eternal man Shri Krishna. He had placed the semen of the gods (Mitra and Varun) in the Kumbh; from which Maharishi Vasishtha is said to have been born.॥ 19॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas