Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.178.27: वायु ने कहा- राजन! आप क्षत्रिय धर्म के अनुसार ब्राह्मणों की रक्षा करें और अपनी इन्द्रियों को वश में रखें। भृगुवंशी ब्राह्मणों से आपको भयंकर भय मिलने वाला है; परन्तु यह बहुत समय के बाद संभव होगा। 27॥ | mahabharat अध्याय 13.178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वायु ने कहा- राजन! आप क्षत्रिय धर्म के अनुसार ब्राह्मणों की रक्षा करें और अपनी इन्द्रियों को वश में रखें। भृगुवंशी ब्राह्मणों से आपको भयंकर भय मिलने वाला है; परन्तु यह बहुत समय के बाद संभव होगा। 27॥
Vayu said – King! You protect the Brahmins and control your senses according to the Kshatriya religion. You are going to get severe fear from Bhriguvanshi Brahmins; But this will be possible after a long time. 27॥
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि पवनार्जुनसंवादे सप्तपञ्चाशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १५७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें वायुदेव और अर्जुनका संवादविषयक एक सौ सत्तावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥