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mahabharat 13.178.22: तत्पश्चात् देवताओं का तेज और पराक्रम बढ़ने लगा, वह तीनों लोकों में प्रतिष्ठित हुआ और अमरत्व को प्राप्त हुआ ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 13.178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  13.178.22 
तेषां तेजस्तथा वीर्यं देवानां ववृधे तत:।
अवाप्नुवंश्चामरत्वं त्रिषु लोकेषु पूजितम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् देवताओं का तेज और पराक्रम बढ़ने लगा, वह तीनों लोकों में प्रतिष्ठित हुआ और अमरत्व को प्राप्त हुआ ॥22॥
 
Thereafter the glory and might of the gods began to increase. He became honored in all three worlds and attained immortality. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)