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mahabharat 13.178.21: नारदजी के वचन सुनकर सभी देवता बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने द्विजों तथा प्रतिष्ठित ब्राह्मणों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।   |   mahabharat अध्याय 13.178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  13.178.21 
नारदस्य वच: श्रुत्वा प्रीता: सर्वे दिवौकस:।
प्रशशंसुर्द्विजांश्चापि ब्राह्मणांश्च यशस्विन:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
नारदजी के वचन सुनकर सभी देवता बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने द्विजों तथा प्रतिष्ठित ब्राह्मणों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
 
All the gods were very pleased to hear Naradji's words. They praised the Dwijs and the renowned Brahmins profusely. 21.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)