Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.178.20: हे प्रभु! तत्पश्चात् महाप्रभु नारदजी आये और बताया कि किस प्रकार उन सौभाग्यशाली ब्राह्मणों ने अपने तेज से कपस को नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 13.178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.178.20 
अथागम्य महातेजा नारदोऽकथयद् विभो।
यथा हता महाभागैस्तेजसा ब्राह्मणै: कपा:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! तत्पश्चात् महाप्रभु नारदजी आये और बताया कि किस प्रकार उन सौभाग्यशाली ब्राह्मणों ने अपने तेज से कपस को नष्ट कर दिया।
 
Lord! Thereafter the very illustrious Narada came and told how the very fortunate Brahmins had destroyed the Kapas with their brilliance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)