Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.178.17: उनकी ध्वजाएँ ऊँची लहरा रही थीं। कपों पर आक्रमण होते देख, सभी ब्राह्मणों ने प्रज्वलित और घातक अग्नि से कपों पर आक्रमण करना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 13.178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 178: कप नामक दानवोंके द्वारा स्वर्गलोकपर अधिकार जमा लेनेपर ब्राह्मणोंका कपोंको भस्म कर देना, वायुदेव और कार्तवीर्य अर्जुनके संवादका उपसंहार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  13.178.17 
समुदग्रध्वजान् दृष्ट्वा कपान् सर्वे द्विजातय:।
व्यसृजन् ज्वलितानग्नीन् कपानां प्राणनाशनान्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उनकी ध्वजाएँ ऊँची लहरा रही थीं। कपों पर आक्रमण होते देख, सभी ब्राह्मणों ने प्रज्वलित और घातक अग्नि से कपों पर आक्रमण करना आरम्भ कर दिया।
 
Their flags were fluttering high. Seeing the Kapas being attacked, all the Brahmins began to attack the Kapas with blazing and deadly fire. 17.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)