श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 177: अत्रि और च्यवन ऋषिके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.177.19 
च्यवन उवाच
पिबेतामश्विनौ सोमं भवद्भि: सहिताविमौ।
उभावेतावपि सुरौ सूर्यपुत्रौ सुरेश्वर॥ १९॥
 
 
अनुवाद
च्यवन बोले - देवराज! अश्विनीकुमार भी देवता हैं, क्योंकि वे सूर्यपुत्र हैं। अतः वे आप सबके साथ सोम का पान अवश्य कर सकते हैं॥19॥
 
Chyavan said - King of the Gods! Ashwinikumar is also a deity because he is the son of the Sun. Therefore, he can definitely drink Soma along with all of you.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)