श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 177: अत्रि और च्यवन ऋषिके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  13.177.16 
अश्विनो: प्रतिसंश्रुत्य च्यवन: पाकशासनम्।
प्रोवाच सहितो देवै: सोमपावश्विनौ कुरु॥ १६॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में च्यवन ऋषि ने अश्विनीकुमारों को सोमपान कराने का वचन देकर इन्द्र से कहा - 'देवराज! आप दोनों अश्विनीकुमारों को देवताओं के साथ सोमपान में सम्मिलित कीजिए।'
 
In ancient times, sage Chyavan promised to give sompan to the Ashwini Kumars and said to Indra - 'Devraj! Include both of you Ashwini Kumars in drinking Sompan with the Gods. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)