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mahabharat 13.175.4: पृथ्वी को जाते देख महर्षि कश्यप ने योग का आश्रय लिया और अपना शरीर त्यागकर तत्काल ही इस भौतिक लाहुण्डी मूर्ति में प्रवेश कर गए॥4॥   |   mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.175.4 
ततस्तां कश्यपो दृष्ट्वा व्रजन्तीं पृथिवीं तदा।
प्रविवेश महीं सद्यो मुक्त्वाऽऽत्मानं समाहित:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी को जाते देख महर्षि कश्यप ने योग का आश्रय लिया और अपना शरीर त्यागकर तत्काल ही इस भौतिक लाहुण्डी मूर्ति में प्रवेश कर गए॥4॥
 
Seeing the earth leaving, Maharishi Kashyap took the shelter of yoga and left his body and immediately entered this physical idol of Lahundi. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)