Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.175.3: यदि वह ऐसा सोचता है, तो मैं भी पृथ्वी पर रहने का अपना कर्तव्य त्यागकर ब्रह्मलोक चली जाऊँगी, जिससे यह राजा अपने राज्य से नष्ट हो जाए। ऐसा निश्चय करके वह पृथ्वी से चली गई॥3॥ | mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि वह ऐसा सोचता है, तो मैं भी पृथ्वी पर रहने का अपना कर्तव्य त्यागकर ब्रह्मलोक चली जाऊँगी, जिससे यह राजा अपने राज्य से नष्ट हो जाए। ऐसा निश्चय करके वह पृथ्वी से चली गई॥3॥
If he thinks so, then I will also renounce my duty of being on earth and go to Brahmaloka, so that this king is destroyed from his kingdom. Having made this decision, she left the earth.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥