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mahabharat 13.175.24: जब सारा जल पी लिया गया तो मित्रों ने जल के देवता वरुण से प्रार्थना की, लेकिन तब भी वे भद्रा को मुक्त नहीं कर सके।   |   mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.175.24 
पीयमाने तु सर्वस्मिंस्तोयेऽपि सलिलेश्वर:।
सुहृद्भिर्भिक्षमाणोऽपि नैवामुञ्चत तां तदा॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जब सारा जल पी लिया गया तो मित्रों ने जल के देवता वरुण से प्रार्थना की, लेकिन तब भी वे भद्रा को मुक्त नहीं कर सके।
 
When all the water was drunk, the friends prayed to Varuna, the lord of water, but even then he could not release Bhadra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)