श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  13.175.17 
तच्छ्रुत्वा नारदात् सर्वमुतथ्यो नारदं तदा।
प्रोवाच गच्छ ब्रूूहि त्वं वरुणं परुषं वच:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
नारदजी से यह सब समाचार सुनकर उथथय ने नारदजी से कहा - 'हे देवर्षि, आप कृपया वरुणदेव के पास जाकर उन्हें मेरा कठोर संदेश कहिए।॥17॥
 
Upon hearing all this news from Narada, Utthaya said to Narada - 'O sage of gods, please go to Varuna and convey my harsh message to him.॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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