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mahabharat 13.175.15: वरुण की उस नगरी से बढ़कर सुन्दर और उत्तम कोई नगरी नहीं है। वह असंख्य महलों, अप्सराओं और दिव्य सुखों से सुशोभित है॥15॥   |   mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  13.175.15 
न हि रम्यतरं किंचित् तस्मादन्यत् पुरोत्तमम्।
प्रासादैरप्सरोभिश्च दिव्यै: कामैश्च शोभितम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वरुण की उस नगरी से बढ़कर सुन्दर और उत्तम कोई नगरी नहीं है। वह असंख्य महलों, अप्सराओं और दिव्य सुखों से सुशोभित है॥15॥
 
‘There is no other city more beautiful and excellent than that city of Varuna. It is adorned with innumerable palaces, Apsaras and divine pleasures.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)