Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.175.12: फिर कुछ दिनों के पश्चात् सोम के पिता महर्षि अत्रि ने उथय को बुलाकर अपनी यशस्वी पौत्री का विवाह उनके साथ कर दिया। उथय ने बहुत-सी दक्षिणा देकर भद्रा को अपनी पत्नी बनाकर विधिपूर्वक विवाह किया।॥12॥ | mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत आहूय सोतथ्यं ददावत्रिर्यशस्विनीम्।
भार्यार्थे स च जग्राह विधिवद् भूरिदक्षिण:॥ १२॥
अनुवाद
फिर कुछ दिनों के पश्चात् सोम के पिता महर्षि अत्रि ने उथय को बुलाकर अपनी यशस्वी पौत्री का विवाह उनके साथ कर दिया। उथय ने बहुत-सी दक्षिणा देकर भद्रा को अपनी पत्नी बनाकर विधिपूर्वक विवाह किया।॥12॥
‘Then after a few days, Maharshi Atri, father of Som, called Utthaya and gave his famous granddaughter's hand in marriage to him. Utthaya, who gave a large amount of dakshina, solemnly married Bhadra to make her his wife.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥