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mahabharat 13.175.11: सुन्दर अंगों वाली महाभागा यशस्विनी भद्रा भी उत्तम नियमों का आश्रय लेकर उतथ्य को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप करने लगीं॥11॥   |   mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  13.175.11 
सा च तीव्रं तपस्तेपे महाभागा यशस्विनी।
उतथ्यार्थे तु चार्वङ्गी परं नियममास्थिता॥ ११॥
 
 
अनुवाद
सुन्दर अंगों वाली महाभागा यशस्विनी भद्रा भी उत्तम नियमों का आश्रय लेकर उतथ्य को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप करने लगीं॥11॥
 
Mahabhaga Yashaswini Bhadra, having beautiful limbs, also started doing intense penance, taking the shelter of good rules, to get Utthya as her husband. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)