Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.175.1: वायु देवता कहते हैं - हे राजन! बहुत समय पहले की बात है, अंग नामक राजा ने इस पृथ्वी को ब्राह्मणों को दान करने का विचार किया। यह जानकर पृथ्वी बहुत चिंतित हो गई॥ 1॥   |   mahabharat अध्याय 13.175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 175: ब्राह्मणशिरोमणि उतथ्यके प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.175.1 
वायुरुवाच
इमां भूमिं द्विजातिभ्यो दित्सुर्वै दक्षिणां पुरा।
अङ्गो नाम नृपो राजंस्ततश्चिन्तां मही ययौ॥ १॥
 
 
अनुवाद
वायु देवता कहते हैं - हे राजन! बहुत समय पहले की बात है, अंग नामक राजा ने इस पृथ्वी को ब्राह्मणों को दान करने का विचार किया। यह जानकर पृथ्वी बहुत चिंतित हो गई॥ 1॥
 
Vayu Devta says - O King! It happened long ago, a king named Ang thought of donating this earth to Brahmins. Knowing this, the earth became very worried.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)