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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 174: वायुद्वारा उदाहरणसहित ब्राह्मणोंकी महत्ताका वर्णन
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श्लोक 15
श्लोक
13.174.15
तथा प्रजापतिर्ब्रह्मा अव्यक्त: प्रभुरव्यय:।
येनेदं निखिलं विश्वं जनितं स्थावरं चरम्॥ १५॥
अनुवाद
इस सम्पूर्ण चराचर जगत् को उत्पन्न करने वाले, अव्यक्त, अविनाशी प्रजापति भगवान ब्रह्मा भी ब्राह्मण हैं ॥15॥
The one who created this entire animate and inanimate world, the unmanifested, indestructible Prajapati Lord Brahma is also a Brahmin. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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