Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.173.3-4: प्राचीन काल की कथा है - महिष्मती नगरी में अर्जुन नामक एक हैहयवंशी राजा, सहस्त्रबाहु और अत्यंत तेजस्वी कार्तवीर्य, सम्पूर्ण पृथ्वी पर राज्य करता था। वह बड़ा बलवान और वीर था। इस लोक में सर्वत्र उसका प्रभुत्व था। 3-4॥ | mahabharat अध्याय 13.173: कार्तवीर्य अर्जुनको दत्तात्रेयजी से चार वरदान प्राप्त होनेका एवं उनमें अभिमानकी उत्पत्तिका वर्णन तथा ब्राह्मणोंकी महिमाके विषयमें कार्तवीर्य अर्जुन और वायुदेवताके संवादका उल्लेख । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्राचीन काल की कथा है - महिष्मती नगरी में अर्जुन नामक एक हैहयवंशी राजा, सहस्त्रबाहु और अत्यंत तेजस्वी कार्तवीर्य, सम्पूर्ण पृथ्वी पर राज्य करता था। वह बड़ा बलवान और वीर था। इस लोक में सर्वत्र उसका प्रभुत्व था। 3-4॥
It is a story of ancient times - in the city of Mahishmati, a Haihayavanshi king named Arjun, a thousand-armed and extremely bright Kartavirya, ruled the entire earth. He was very strong and brave. He had authority everywhere in this world. 3-4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥