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mahabharat 13.173.25: ‘या महीपाल! महाबली ब्राह्मण तुम्हें शांत कर देंगे। यदि तुम उनका उत्साह भंग करोगे, तो वे तुम्हें राज्य से निकाल देंगे।’॥25॥   |   mahabharat अध्याय 13.173: कार्तवीर्य अर्जुनको दत्तात्रेयजी से चार वरदान प्राप्त होनेका एवं उनमें अभिमानकी उत्पत्तिका वर्णन तथा ब्राह्मणोंकी महिमाके विषयमें कार्तवीर्य अर्जुन और वायुदेवताके संवादका उल्लेख   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 173: कार्तवीर्य अर्जुनको दत्तात्रेयजी से चार वरदान प्राप्त होनेका एवं उनमें अभिमानकी उत्पत्तिका वर्णन तथा ब्राह्मणोंकी महिमाके विषयमें कार्तवीर्य अर्जुन और वायुदेवताके संवादका उल्लेख  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  13.173.25 
अथवा त्वां महीपाल शमयिष्यन्ति वै द्विजा:।
निरसिष्यन्ति ते राष्ट्राद्धतोत्साहा महाबला:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
‘या महीपाल! महाबली ब्राह्मण तुम्हें शांत कर देंगे। यदि तुम उनका उत्साह भंग करोगे, तो वे तुम्हें राज्य से निकाल देंगे।’॥25॥
 
‘Or Mahipal! The very powerful Brahmins will calm you down. If you disturb their enthusiasm, they will expel you from the kingdom.’॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)