श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  13.171.78 
अभ्यासे नित्यं देवानां सप्तर्षीणां ध्रुवस्य च।
मोक्षणं सर्वकृच्छ्राणां मोचयत्यशुभात् सदा॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
देवताओं, सप्तर्षियों और ध्रुव का प्रतिदिन बार-बार स्मरण करने से मनुष्य सभी क्लेशों से मुक्त हो जाता है। इनका स्मरण करने से मनुष्य पाप के बंधन से सदैव मुक्त रहता है ॥ 78॥
 
By repeatedly remembering the Gods, the Seven Sages and Dhruva every day, one is relieved of all troubles. Their recitation always frees one from the bondage of evil i.e. sin. ॥ 78॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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