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mahabharat 13.171.65: जो कोई युद्ध के समय इन नामों का पाठ करता है, उसके शत्रु भाग जाते हैं और वह सब दिशाओं में कल्याण प्राप्त करता है ॥ 65॥   |   mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  13.171.65 
एतान् संग्रामकाले तु पठत: क्षत्रियस्य तु।
व्रजन्ति रिपवो नाशं क्षेमं च परिवर्तते॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
जो कोई युद्ध के समय इन नामों का पाठ करता है, उसके शत्रु भाग जाते हैं और वह सब दिशाओं में कल्याण प्राप्त करता है ॥ 65॥
 
Whoever recites these names during war, his enemies flee away and he attains prosperity in all directions. ॥ 65॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)