Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.171.63: जो मनुष्य खेत में इस नाममाला का पाठ करता है, उसकी सारी फसलें उगती हैं और फल देती हैं। जो मनुष्य गाँव में रहकर इस नाममाला का पाठ करता है, उसकी यात्रा यात्रा करते समय सकुशल समाप्त होती है ॥ 63॥ | mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य खेत में इस नाममाला का पाठ करता है, उसकी सारी फसलें उगती हैं और फल देती हैं। जो मनुष्य गाँव में रहकर इस नाममाला का पाठ करता है, उसकी यात्रा यात्रा करते समय सकुशल समाप्त होती है ॥ 63॥
All the crops of a person who recites this Namamala in the field grow and bear fruits. One who recites this Namamala while staying in the village, his journey ends safely while travelling. ॥ 63॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥