Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.171.57: ये देवता मूललोक की रक्षा करते हैं, जल की वर्षा करते हैं, प्रकाश और वायु प्रदान करते हैं और प्रजा की सृष्टि करते हैं। ये विघ्नों के राजा, विनायक, श्रेष्ठ, कुशल, क्षमाशील और जितेन्द्रिय हैं। 57॥ | mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये देवता मूललोक की रक्षा करते हैं, जल की वर्षा करते हैं, प्रकाश और वायु प्रदान करते हैं और प्रजा की सृष्टि करते हैं। ये विघ्नों के राजा, विनायक, श्रेष्ठ, कुशल, क्षमाशील और जितेन्द्रिय हैं। 57॥
These gods protect the original world, rain water, provide light and air and create people. This is the king of obstacles, Vinayak, the best, the skilled, the forgiving and the Jitendriya. 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥