Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.171.54-56: पृथ्वी पर शासन करने वाले देवताओं, ऋषियों और राजाओं का कीर्तन करना चाहिए । सांख्ययोग, उत्तम हव्य-काव्य और समस्त श्रुतियों के आधार परमेश्वर का कीर्तन सभी जीवों के लिए शुभ एवं परम पवित्र है । इनके बार-बार कीर्तन से रोग नष्ट हो जाते हैं । इससे सभी कर्मों में महान पुष्टि होती है । प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल मनुष्य को मन से शुद्ध होकर देवताओं के कीर्तन के साथ उपर्युक्त देवताओं, ऋषियों और राजाओं के नामों का कीर्तन करना चाहिए । 54-56॥ | mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पृथ्वी पर शासन करने वाले देवताओं, ऋषियों और राजाओं का कीर्तन करना चाहिए । सांख्ययोग, उत्तम हव्य-काव्य और समस्त श्रुतियों के आधार परमेश्वर का कीर्तन सभी जीवों के लिए शुभ एवं परम पवित्र है । इनके बार-बार कीर्तन से रोग नष्ट हो जाते हैं । इससे सभी कर्मों में महान पुष्टि होती है । प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल मनुष्य को मन से शुद्ध होकर देवताओं के कीर्तन के साथ उपर्युक्त देवताओं, ऋषियों और राजाओं के नामों का कीर्तन करना चाहिए । 54-56॥
Kirtan of gods, sages and kings ruling the earth should be performed. Sankhyayoga, excellent havya-poetry and the kirtan of the Supreme Lord, the foundation of all Shrutis, are auspicious and most sacred for all living beings. Diseases are destroyed by their repeated kirtan. This gives great confirmation in all actions. India Every morning and evening, a person should be pure in mind and should chant the names of the above mentioned gods, sages and kings along with chanting the Gods. 54-56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥