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mahabharat 13.171.41: धर्म, काम, काल, वसु, वासुकि, अनन्त और कपिल- ये सात पृथ्वी को धारण करने वाले हैं ॥41॥   |   mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  13.171.41 
धर्म: कामश्च कालश्च वसुर्वासुुकिरेव च।
अनन्त: कपिलश्चैव सप्तैते धरणीधरा:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
धर्म, काम, काल, वसु, वासुकि, अनन्त और कपिल- ये सात पृथ्वी को धारण करने वाले हैं ॥41॥
 
Dharma, Kama, Kaal, Vasu, Vasuki, Anant and Kapil – these seven are the ones who hold the earth. 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)