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mahabharat 13.171.18-21: अब मैं उन देवताओं का परिचय देता हूँ जो संसार के कार्यों पर दृष्टि रखते हैं तथा यज्ञ, दान और शुभ कर्मों के ज्ञाता हैं। ये देवता स्वयं अदृश्य रहकर समस्त प्राणियों के शुभ-अशुभ कर्मों को देखते रहते हैं। इनके नाम हैं - मृत्यु, काल, विश्वेदेव और मूर्तिमान पितर। इनके अतिरिक्त तपस्वी ऋषिगण तथा तप एवं मोक्ष में रत सिद्ध महर्षि भी सम्पूर्ण जगत के कल्याण पर दृष्टि रखते हैं। ये सभी अपना नाम जपने वाले मनुष्यों को शुभ फल प्रदान करते हैं। 18-21॥   |   mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल  »  श्लोक 18-21
 
 
श्लोक  13.171.18-21 
अत: परं प्रवक्ष्यामि लोकानां कर्मसाक्षिण:॥ १८॥
अपि यज्ञस्य वेत्तारो दत्तस्य सुकृतस्य च।
अदृश्या: सर्वभूतेषु पश्यन्ति त्रिदशेश्वरा:॥ १९॥
शुभाशुभानि कर्माणि मृत्यु: कालश्च सर्वश:।
विश्वेदेवा: पितृगणा मूर्तिमन्तस्तपोधना:॥ २०॥
मुनयश्चैव सिद्धाश्च तपोमोक्षपरायणा:।
शुचिस्मिता: कीर्तयतां प्रयच्छन्ति शुभं नृणाम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अब मैं उन देवताओं का परिचय देता हूँ जो संसार के कार्यों पर दृष्टि रखते हैं तथा यज्ञ, दान और शुभ कर्मों के ज्ञाता हैं। ये देवता स्वयं अदृश्य रहकर समस्त प्राणियों के शुभ-अशुभ कर्मों को देखते रहते हैं। इनके नाम हैं - मृत्यु, काल, विश्वेदेव और मूर्तिमान पितर। इनके अतिरिक्त तपस्वी ऋषिगण तथा तप एवं मोक्ष में रत सिद्ध महर्षि भी सम्पूर्ण जगत के कल्याण पर दृष्टि रखते हैं। ये सभी अपना नाम जपने वाले मनुष्यों को शुभ फल प्रदान करते हैं। 18-21॥
 
Now I introduce the gods who keep an eye on the actions of the world and know about Yagya, charity and good deeds. These gods themselves remain invisible and keep watching the auspicious and inauspicious deeds of all living beings. Their names are – Death, Kaal, Vishvedev and idol ancestors. Apart from these, the ascetic sages and the accomplished Maharishis engaged in penance and salvation also keep an eye on the welfare of the entire world. All these give auspicious results to the people who chant their name. 18-21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)