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mahabharat 13.171.16-17h: धर, ध्रुव, सोम, सावित्री, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभास - ये आठ वसु कहलाते हैं॥16 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.171.16-17h 
धरो ध्रुवश्च सोमश्च सावित्रोऽथानिलोऽनल:॥ १६॥
प्रत्यूषश्च प्रभासश्च वसवोऽष्टौ प्रकीर्तिता:।
 
 
अनुवाद
धर, ध्रुव, सोम, सावित्री, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभास - ये आठ वसु कहलाते हैं॥16 1/2॥
 
Dhar, Dhruv, Som, Savitri, Anil, Anal, Pratyush and Prabhas - these are called the eight Vasus.॥16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)