Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.171.12-13: अजैकपाद, अहिर्बुध्न्य, पिनाकी, अपराजित, ऋत, पितृरूप त्र्यम्बक, महेश्वर, वृषाकपि, शम्भू, हवन् और ईश्वर- ये ग्यारह रुद्र प्रसिद्ध हैं; जो तीनों लोकों का स्वामी है। 12-13॥ | mahabharat अध्याय 13.171: जपनेयोग्य मन्त्र और सबेरे-शाम कीर्तन करनेयोग्य देवता, ऋषियों और राजाओंके मंगलमय नामोंका कीर्तन-माहात्म्य तथा गायत्रीजपका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अजैकपाद, अहिर्बुध्न्य, पिनाकी, अपराजित, ऋत, पितृरूप त्र्यम्बक, महेश्वर, वृषाकपि, शम्भू, हवन् और ईश्वर- ये ग्यारह रुद्र प्रसिद्ध हैं; जो तीनों लोकों का स्वामी है। 12-13॥
Ajaikpad, Ahirbudhnya, Pinaki, Aparajit, Rita, Pitrrup Trimbak, Maheshwar, Vrishakapi, Shambhu, Havan and Ishwar - these eleven Rudras are famous; Who is the lord of all three worlds. 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥