Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.170.90: 717 विश्वमूर्ति: -जिनकी मूर्ति ही सम्पूर्ण जगत है - ऐसा विशाल रूप, 718 महामूर्ति: -बड़े रूप वाले, 719 दीप्तिमूर्ति: -जो तेजस्वी रूप वाले, 720 अमृतिमान् -जिनकी कोई मूर्ति नहीं है - ऐसे निराकार, 721 अनेकमूर्ति: -जो लोगों की सहायता के लिए अनेक अवतारों में स्वेच्छा से अनेक मूर्तियों को धारण करते हैं, 722 अव्यक्त: - बहुत सी मूर्तियों के होते हुए भी जिनका रूप किसी भी प्रकार व्यक्त नहीं किया जा सकता - ऐसा अव्यक्त रूप, 723 शतमूर्ति: - सैकड़ों मूर्तियों वाले, 724 शतानन: - सैकड़ों मुख वाले । 90॥ | mahabharat अध्याय 13.170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम् । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
717 विश्वमूर्ति: -जिनकी मूर्ति ही सम्पूर्ण जगत है - ऐसा विशाल रूप, 718 महामूर्ति: -बड़े रूप वाले, 719 दीप्तिमूर्ति: -जो तेजस्वी रूप वाले, 720 अमृतिमान् -जिनकी कोई मूर्ति नहीं है - ऐसे निराकार, 721 अनेकमूर्ति: -जो लोगों की सहायता के लिए अनेक अवतारों में स्वेच्छा से अनेक मूर्तियों को धारण करते हैं, 722 अव्यक्त: - बहुत सी मूर्तियों के होते हुए भी जिनका रूप किसी भी प्रकार व्यक्त नहीं किया जा सकता - ऐसा अव्यक्त रूप, 723 शतमूर्ति: - सैकड़ों मूर्तियों वाले, 724 शतानन: - सैकड़ों मुख वाले । 90॥
717 Vishwamurti: -whose idol is the entire world - such a huge form, 718 Mahamurti: -one with a big form, 719 Deeptamurti: -possessed with a resplendent form, 720 Aamrutriman -who has no idol -such a formless one, 721 Anekmurti: -one who voluntarily wears many idols in various incarnations to help people, 722 Avyakt: - Despite having many idols, whose form cannot be expressed in any way - such unmanifested form, 723 Shatamurti: - having hundreds of idols, 724 Shatanan: - having hundreds of faces. 90॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥