Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.170.6: उस सर्वव्यापी, सर्वव्यापी, सम्पूर्ण लोकों के स्वामी, जगत के अधिष्ठाता देवता, जो जन्म-मृत्यु आदि छह भावों से रहित हैं, उनका निरन्तर स्तुति करने से मनुष्य समस्त दुःखों पर विजय प्राप्त कर लेता है॥6॥ | mahabharat अध्याय 13.170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम् । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस सर्वव्यापी, सर्वव्यापी, सम्पूर्ण लोकों के स्वामी, जगत के अधिष्ठाता देवता, जो जन्म-मृत्यु आदि छह भावों से रहित हैं, उनका निरन्तर स्तुति करने से मनुष्य समस्त दुःखों पर विजय प्राप्त कर लेता है॥6॥
By continuously praising that omnipresent, omnipresent, Lord of all the worlds, the presiding deity of the world, who is free from the six emotions of birth and death etc., man overcomes all the sorrows. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥