श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  13.170.141 
इमं स्तवं भगवतो विष्णोर्व्यासेन कीर्तितम्।
पठेद् य इच्छेत् पुरुष: श्रेय: प्राप्तुं सुखानि च॥ १४१॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य परम कल्याण और सुख की प्राप्ति चाहता है, उसे भगवान व्यास द्वारा कहे गए विष्णुसहस्रनामस्तोत्र का पाठ करना चाहिए ॥141॥
 
A person who desires to attain supreme welfare and happiness should recite the Vishnu Sahasranaamastotra told by Lord Vyasa. ॥141॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)