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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्
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श्लोक 134
श्लोक
13.170.134
द्यौ: सचन्द्रार्कनक्षत्रा खं दिशो भूर्महोदधि:।
वासुदेवस्य वीर्येण विधृतानि महात्मन:॥ १३४॥
अनुवाद
स्वर्ग, सूर्य, चन्द्रमा और तारों सहित आकाश, दसों दिशाएँ, पृथ्वी और समुद्र - ये सब महात्मा वासुदेव के प्रभाव से उत्पन्न हुए हैं ॥134॥
Heaven, Sun, Moon and the sky with stars, ten directions, earth and ocean – all these have been created by the influence of Mahatma Vasudev. 134॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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