श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  13.170.131 
न वासुदेवभक्तानामशुभं विद्यते क्वचित् ।
जन्ममृत्युजराव्याधिभयं नैवोपजायते॥ १३१॥
 
 
अनुवाद
वासुदेव के भक्तों पर कभी कोई विपत्ति नहीं आती। उन्हें जन्म, मृत्यु, वृद्धावस्था या रोग का कोई भय नहीं रहता ॥131॥
 
Never does any misfortune happen to the devotees of Vasudev. They have no fear of birth, death, old age or disease. ॥131॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)