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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्
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श्लोक 129
श्लोक
13.170.129
दुर्गाण्यतितरत्याशु पुरुष: पुरुषोत्तमम्।
स्तुवन् नामसहस्रेण नित्यं भक्तसमन्वित:॥ १२९॥
अनुवाद
जो मनुष्य भक्तिपूर्वक इस विष्णुसहस्रनाम से प्रतिदिन भगवान् की स्तुति करता है, वह शीघ्र ही समस्त क्लेशों से पार हो जाता है ॥129॥
The man who, full of devotion, praises the Supreme Lord with this Vishnu Sahasranama daily, soon overcomes all troubles. 129॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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