श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 170: श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  13.170.123 
वेदान्तगो ब्राह्मण: स्यात् क्षत्रियो विजयी भवेत्।
वैश्यो धनसमृद्ध: स्याच्छूद्र: सुखमवाप्नुयात्॥ १२३॥
 
 
अनुवाद
इस विष्णुसहस्रनाम के श्रवण, पठन और कीर्तन से ब्राह्मण वेदान्त में पारंगत हो जाता है, क्षत्रिय युद्ध में विजयी हो जाता है, वैश्य धनवान हो जाता है और शूद्र सुख प्राप्त कर लेता है॥123॥
 
By hearing, reading and chanting this Vishnusahasranaam, a Brahmin becomes well versed in Vedanta, a Kshatriya becomes victorious in war, a Vaishya becomes wealthy and a Shudra attains happiness.॥ 123॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)