श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  13.17.74 
यानि च प्रथितान्यादौ तण्डिराख्यातवान् मम।
नामानि मानवश्रेष्ठ तानि त्वं शृणु सिद्धये॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
हे नरश्रेष्ठ! तण्डि मुनि ने मुझसे जो प्राचीन नाम कहे हैं, उन्हें भी तुम सुनो। वे सिद्धि देने वाले हैं। ॥ 74॥
 
O best of human beings! You should also listen to the ancient names which Tandi Muni has described to me. They are the bestowers of success. ॥ 74॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)