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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल
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श्लोक 71
श्लोक
13.17.71
प्राञ्जलि: स उवाचेदं त्वयि भक्तिर्दृढास्तु मे॥ ७१॥
अनुवाद
तब तण्डि ने हाथ जोड़कर कहा - 'प्रभु! आपके चरणों की पूजा में मेरी भक्ति दृढ़ हो जाए॥71॥
Then Tandi folded her hands and said – 'Lord! May my devotion be strong in worshiping your feet. 71॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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