Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.17.68: तण्डि की स्तुति करते हुए उन्होंने कहा था कि ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र, विश्वदेव और महर्षि भी आपको आपके वास्तविक रूप में नहीं जानते। इससे भगवान शंकर अत्यंत प्रसन्न हुए और बोले-॥68॥   |   mahabharat अध्याय 13.17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  13.17.68 
ब्रह्मा शतक्रतुर्विष्णुर्विश्वेदेवा महर्षय:।
न विदुस्त्वामिति ततस्तुष्ट: प्रोवाच तं शिव:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
तण्डि की स्तुति करते हुए उन्होंने कहा था कि ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र, विश्वदेव और महर्षि भी आपको आपके वास्तविक रूप में नहीं जानते। इससे भगवान शंकर अत्यंत प्रसन्न हुए और बोले-॥68॥
 
While praising Tandi, he had said that even Brahma, Vishnu, Indra, Vishvadev and Maharishi do not know you in your true form. Lord Shankar was very pleased with this and said -॥ 68॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)