vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल
»
श्लोक 67
श्लोक
13.17.67
उपमन्युरुवाच
एवं स्तुतो महादेवस्तण्डिना ब्रह्मवादिना।
उवाच भगवान् देव उमया सहित: प्रभु:॥ ६७॥
अनुवाद
उपमन्यु कहते हैं - इस प्रकार ब्रह्मवादी तन्धि की स्तुति करने पर पार्वती सहित शक्तिशाली भगवान महादेव ने उनसे कहा - ॥67॥
Upamanyu says - On praising Brahmavadi Tandhi in this way, the powerful Lord Mahadev along with Parvati said to him - ॥ 67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×