Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.17.32: ध्यान करने वाले भक्तों का आध्यात्मिक गंतव्य और पुनर्जन्म की इच्छा न रखने वाले आत्मज्ञानी पुरुषों का गंतव्य इस भगवान के अतिरिक्त और कोई नहीं है ॥ 32॥   |   mahabharat अध्याय 13.17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  13.17.32 
अध्यात्मगतिरिष्टानां ध्यायिनामात्मवेदिनाम्।
अपुनर्भवकामानां या गति: सोऽयमीश्वर:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
ध्यान करने वाले भक्तों का आध्यात्मिक गंतव्य और पुनर्जन्म की इच्छा न रखने वाले आत्मज्ञानी पुरुषों का गंतव्य इस भगवान के अतिरिक्त और कोई नहीं है ॥ 32॥
 
The spiritual destination of the meditating devotees and the destination of the self-aware men who do not desire rebirth is none other than this God. ॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)