Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.17.15-16: ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र, विश्वेदेव और महर्षि भी आपको यथार्थ रूप से नहीं जानते। फिर हम आपको कैसे जान सकते हैं? सब कुछ आपसे ही उत्पन्न हुआ है और यह सम्पूर्ण जगत् आपमें ही स्थित है॥ 15-16॥ | mahabharat अध्याय 13.17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र, विश्वेदेव और महर्षि भी आपको यथार्थ रूप से नहीं जानते। फिर हम आपको कैसे जान सकते हैं? सब कुछ आपसे ही उत्पन्न हुआ है और यह सम्पूर्ण जगत् आपमें ही स्थित है॥ 15-16॥
Brahma, Vishnu, Indra, Vishwadev and Maharishi also do not know you in reality. Then how can we know you. Everything is born from you and this entire universe is established in you.॥ 15-16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥