Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.169.7: श्री कृष्ण! आज आपके तेज से एक और अद्भुत घटना घटित हुई है, जिसे देखकर हम लोग आश्चर्यचकित हो रहे हैं और हमें पूर्वकाल की शंकरजी से संबंधित वह घटना पुनः स्मरण हो रही है॥7॥ | mahabharat अध्याय 13.169: भगवान् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्वितीयं त्वद्भुतमिदं त्वत्तेज: कृतमद्य वै।
दृष्ट्वा च विस्मिता: कृष्ण सा च न: स्मृतिरागता॥ ७॥
अनुवाद
श्री कृष्ण! आज आपके तेज से एक और अद्भुत घटना घटित हुई है, जिसे देखकर हम लोग आश्चर्यचकित हो रहे हैं और हमें पूर्वकाल की शंकरजी से संबंधित वह घटना पुनः स्मरण हो रही है॥7॥
Sri Krishna! Today another wonderful event has occurred due to your brilliance, seeing which we are astonished and we are again remembering that incident involving Shankarji of the past. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥