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श्लोक  13.169.58 
कर्मणामस्य कौन्तेय नान्तं संख्यातुमुत्सहे।
शाश्वतस्य पुराणस्य पुरुषस्य युधिष्ठिर॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर! इन सनातन पुराणपुरुष श्रीकृष्ण के चरित्रों की कोई सीमा या संख्या नहीं बताई जा सकती। 58॥
 
Kunti's son Yudhishthir! No limit or number can be told on the characters of these eternal Purana Purush Shri Krishna. 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)