श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 169: भगवान‍् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  13.169.49 
एवं ते वर्तमानस्य सम्यग्दण्डधरस्य च।
प्रजापालनदक्षस्य स्वर्गलोको भविष्यति॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम इस प्रकार आचरण करोगे और न्यायपूर्वक दण्ड धारण करते हुए कुशलतापूर्वक प्रजा की रक्षा में संलग्न रहोगे, तो तुम्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी ॥ 49॥
 
If you behave in this manner and skillfully engage yourself in protecting the people while holding the staff in a just manner, you will attain heaven. ॥ 49॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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