श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 169: भगवान‍् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  13.169.46 
भवितारश्च तस्याथ सर्वे कामा यथेप्सिता:।
प्रेत्य स्वर्गं च लभते नरो नास्त्यत्र संशय:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
उसकी सारी इच्छाएँ पूरी होंगी और मरने के बाद उसे स्वर्ग की प्राप्ति होगी, इसमें कोई संदेह नहीं है ॥ 46॥
 
All his desires will be fulfilled and there is no doubt that he will attain heaven after death. ॥ 46॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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