Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.169.40: जो काल के स्वरूप को जानता है, वह काल द्वारा मारे जाने पर भी शोक नहीं करता। श्रीकृष्ण लाल नेत्रों वाले और दण्ड धारण किए हुए सनातन काल हैं ॥40॥ | mahabharat अध्याय 13.169: भगवान् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न हि कालेन कालज्ञ: स्पृष्ट: शोचितुमर्हसि।
कालो लोहितरक्ताक्ष: कृष्णो दण्डी सनातन:॥ ४०॥
अनुवाद
जो काल के स्वरूप को जानता है, वह काल द्वारा मारे जाने पर भी शोक नहीं करता। श्रीकृष्ण लाल नेत्रों वाले और दण्ड धारण किए हुए सनातन काल हैं ॥40॥
He who knows the nature of time does not grieve even after being struck by time. Sri Krishna is the eternal time with red eyes and holding a stick. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥