Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.169.3: उस समय जब ऋषियों ने उस सुन्दर, पवित्र और सनातन देवगिरि की ओर देखा, तो न तो उन्हें वहाँ भगवान शिव दिखाई दिए और न ही भूतों का समूह ही दिखाई दिया॥3॥ | mahabharat अध्याय 13.169: भगवान् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो देवगिरौ तस्मिन् रम्ये पुण्ये सनातने।
न शर्वं भूतसंघं वा ददृशुर्मुनयस्तदा॥ ३॥
अनुवाद
उस समय जब ऋषियों ने उस सुन्दर, पवित्र और सनातन देवगिरि की ओर देखा, तो न तो उन्हें वहाँ भगवान शिव दिखाई दिए और न ही भूतों का समूह ही दिखाई दिया॥3॥
At that time, when the sages looked at that beautiful, sacred and eternal Devgiri, they neither saw Lord Shiva there nor did they see the group of ghosts. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥