Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.169.25: इनका न आदि है, न अन्त। ये अव्यक्त रूप परम तेजस्वी महात्मा मधुसूदन देवताओं का कार्य पूर्ण करने के लिए यदुकुल में उत्पन्न हुए हैं। 25॥ | mahabharat अध्याय 13.169: भगवान् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनादिनिधनोऽव्यक्तो महात्मा मधुसूदन:।
अयं जातो महातेजा: सुराणामर्थसिद्धये॥ २५॥
अनुवाद
इनका न आदि है, न अन्त। ये अव्यक्त रूप परम तेजस्वी महात्मा मधुसूदन देवताओं का कार्य पूर्ण करने के लिए यदुकुल में उत्पन्न हुए हैं। 25॥
They have neither beginning nor end. This unmanifested form, the most brilliant Mahatma Madhusudan has been born in Yadukula to complete the work of the gods. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥